परिचय

हिंदी महाविद्यालय, भूतपूर्व वित्तमंत्री (हैदराबाद स्टेट) श्री विनायक राव विद्यालंकार तथा प्रसिद्ध समाज सेवी एवं संस्थापक राजा पन्नालाल पित्ती, संस्थापक प्राचार्य श्री कृष्णदत्त एवं संस्थापक सदस्य श्री खंडेराव कुलकर्णी तथा अनेक हिंदी प्रेमियों के प्रयत्नों से प्रारंभ हुआ। तत्कालीन मुख्यमंत्री (आं. प्र.) श्री नीलम संजीव रेड्डी ने इसके भवन का शिलान्यास किया था। 1961 में कला संकाय (Arts) से संबंधित शिक्षा इस संस्था ने देनी प्रारंभ की गई। 1969 में और 1971 में क्रमशः संस्था में वाणिज्य (Commerce) एवं विज्ञान (Science) संकाय भी प्रारंभ किये गये। 1991 ई. में उत्तरोत्तर उन्नति करते हुए एम.ए. (हिंदी) तथा अनुवाद (डिप्लोमा) भी प्रारंभ किए गए। 1998 में क्रिकेट कोचिंग अकादमी की स्थापना की गई। आज यह संस्था विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को अपना लक्ष्य मानकर इस दिशा में प्रयत्नशील है। इस अनोखी संस्था की उन्नति का श्रेय उन सभी हिंदी प्रेमी लोगों को जाता है, जिन्होंने दक्षिण भारत में हिंदी के प्रचार में अपना योगदान दिया।

यह संस्था निम्नलिखित संस्थाओं द्वारा मान्यता प्राप्त एवं संबद्ध है:

  1. तेलंगाना सरकार
  2. उस्मानिया विश्वविद्यालय
  3. बोर्ड ऑफ इंटरमीडिएट, तेलंगाना
  4. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग
  5. राष्ट्रीय प्रत्यायन एवं मूल्यांकन परिषद् (NAAC) द्वारा 2006 एवं 2012 में प्रत्यायित एवं मूल्यांकित
  6. शैक्षिक वर्ष 2012-13 से हिंदी महाविद्यालय को यू.जी.सी. से स्वायत्तता प्राप्त हुई।
  7. आयकर विभाग से भी यह अनुबंधित एवं छूट प्राप्त है
  8. जवाहरलाल नेहरू टेक्नोलॉजिकल युनिवर्सिटी से एम.बी.ए. के लिए संबद्ध
  9. ए.आई.सी.टी.ई. से एम.बी.ए. के लिये संबद्ध
  10. उच्च शिक्षा आयुक्तालय, तेलंगाना

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